August 27, 2026

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मंत्री और विधायक ने किया स्थलीय निरीक्षण, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

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ऋषिकेश क्षेत्र के गौहरी माफी एवं रायवाला के बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का गुरुवार को आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में भू-कटाव, जलभराव और क्षतिग्रस्त पुलिया की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई और प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान तहसील प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री एवं विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी न हो और आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुनिश्चित की जाए।
गौहरी माफी में भू-कटाव और आवासीय क्षेत्रों में जल प्रवेश का लिया जायजा

गौहरी माफी क्षेत्र में सौंग नदी के कारण हो रहे भू-कटाव तथा नदी का पानी आवासीय क्षेत्रों में प्रवेश करने की समस्या का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों से क्षेत्र में अब तक किए गए सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी ली गई। मंत्री एवं विधायक ने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने के साथ ही समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

क्षतिग्रस्त पुलिया के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश
रायवाला खेल मैदान के समीप गौहरी माफी और रायवाला को जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त पुलिया का भी निरीक्षण किया गया। यह पुलिया सुसुवा नदी के कारण क्षतिग्रस्त हुई है। मंत्री एवं विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पुलिया के पुनर्निर्माण/मरम्मत के लिए तत्काल डीपीआर तैयार कर जिलाधिकारी कार्यालय अथवा जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को आवश्यक धनराशि की स्वीकृति एवं आवंटन के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

अड़वाणी प्लॉट में जलभराव के स्थायी समाधान पर जोर
रायवाला के अड़वाणी प्लॉट क्षेत्र में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को मानसून अवधि में लगातार पंपिंग के माध्यम से जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षात्मक कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने को कहा गया।

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