October 15, 2026

भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम से रेस्क्यू बच्चों ने सीखा स्वच्छता का महत्व

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जिला प्रशासन द्वारा निर्मित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम से रेस्क्यू किए गए बच्चों को स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छ वातावरण के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चों को स्वच्छता एवं साफ-सफाई से संबंधित शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई, जिसके माध्यम से व्यक्तिगत स्वच्छता, आसपास के वातावरण को साफ रखने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने तथा स्वच्छता को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के संबंध में जानकारी दी गई।
इंटेंसिव केयर सेंटर में आयोजित पेरेंट्स मीटिंग में बच्चों के अभिभावकों ने भी प्रतिभाग किया। इस दौरान बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ स्वच्छता के महत्व को समझा तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पर चर्चा की गई। अभिभावकों को भी बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित करने तथा घर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के लिए स्वच्छता विषय पर प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों ने स्वच्छता के प्रति अपनी समझ, रचनात्मकता एवं जागरूकता का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। पुरस्कार प्राप्त कर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग अथवा व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन से जुड़ा विषय है।
जिला प्रशासन द्वारा संचालित इंटेंसिव केयर सेंटर में भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम से रेस्क्यू किए गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित करने का प्रभाव केवल उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे अपने परिवार एवं आसपास रहने वाले अन्य बच्चों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। इस प्रकार बच्चे स्वयं स्वच्छता के दूत बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जिला प्रशासन का उद्देश्य इन बच्चों को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें शिक्षा और समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना है।

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